मंगल दोष पूजा कब होती है?

उज्जैन में मंगल दोष पूजा के लिए कौन सा दिन है सबसे शुभ? कब करायी जाती है ये पूजा

यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में की जाने वाली मंगल पूजा या मंगल भात पूजा एक प्रभावी धार्मिक उपाय मानी जाती है। लेकिन हर व्यक्ति के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है — मंगल पूजा के लिए कौन सा दिन सबसे शुभ है, और क्या यह पूजा उज्जैन में किसी भी दिन कराई जा सकती है? इस लेख में मंगल दोष पूजा के शुभ दिनों, विशेष योगों और सामान्य पूजा विधि की जानकारी दी गई है।

मंगल दोष पूजा का सबसे शुभ दिन मंगलवार माना जाता है, क्योंकि यह दिन मंगल ग्रह को समर्पित है। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में यह पूजा पंचांग और कुंडली के अनुसार उचित मुहूर्त में कराई जाती है। सही विधि और अनुभवी पंडित के मार्गदर्शन से की गई पूजा शुभ फलदायी मानी जाती है। उज्जैन में मंगल दोष पूजा के लिए उज्जैन के अनुभवी पंडित अनिल शर्मा जी से 9826365960 पर संपर्क करें।

मंगल पूजा के लिए शुभ दिन और योग

मंगलवार: मंगल ग्रह का दिन

मंगलवार मंगल ग्रह का दिन है, इसलिए इस दिन मंगल दोष पूजा विशेष शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार को की गई पूजा मंगल दोष की शांति, दांपत्य जीवन में स्थिरता और बाधाओं के निवारण में सहायक मानी जाती है। मंगलवार को प्रातःकाल पूजा करना शुभ माना जाता है; सटीक मुहूर्त के लिए पंडित जी से परामर्श करें।

अंगारकी चतुर्थी: मंगल और गणेश का संयोग

जब चतुर्थी तिथि मंगलवार को पड़ती है, तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है। इसे मंगल ग्रह से जुड़ा विशेष दिन माना जाता है। इस दिन मंगलनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है, और इस तिथि में मंगल दोष की शांति के लिए पूजा शुभ मानी जाती है। अंगारकी चतुर्थी की तिथि हर वर्ष पंचांग से ज्ञात करें।

श्रावण मास में मंगल पूजा

श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित पवित्र माह है। इस मास में की गई मंगल पूजा मंगल दोष की शांति के साथ शिव कृपा की प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है। श्रावण में प्रातःकाल की पूजा शुभ मानी जाती है; मंत्र जप की संख्या और विधि पंडित जी के मार्गदर्शन में तय करें।

गुरु पुष्य योग और अन्य शुभ तिथियाँ

गुरु पुष्य योग जैसे शुभ योग में की गई मंगल पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस योग में पूजा करने से रुके हुए कार्यों में सफलता और जीवन में स्थिरता की प्राप्ति मानी जाती है। गुरु पुष्य योग की तिथि हर वर्ष पंचांग से ज्ञात करें।

नोट: उपरोक्त सभी तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं। चालू वर्ष की सटीक तिथियों और शुभ मुहूर्त की जानकारी के लिए पंडित अनिल शर्मा जी से 9826365960 पर संपर्क करें।

क्या मंगल दोष पूजा किसी भी दिन की जा सकती है?

धार्मिक परंपरा के अनुसार, यदि कुंडली में मंगल दोष प्रबल है या व्यक्ति किसी विशेष परेशानी (जैसे विवाह में विलंब या दांपत्य जीवन में तनाव) से गुजर रहा है, तो पंचांग के अनुसार उचित मुहूर्त देखकर यह पूजा अन्य दिनों में भी कराई जा सकती है। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में पंडित जी कुंडली की जांच करके शुभ मुहूर्त का चयन करते हैं।

मंगल दोष पूजा के धार्मिक लाभ क्या माने जाते हैं?

धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगल दोष पूजा से निम्नलिखित लाभ माने जाते हैं:

  • वैवाहिक जीवन में स्थिरता और विवाह में आ रही बाधाओं के निवारण की मान्यता
  • आत्मविश्वास और निर्णय शक्ति में वृद्धि की मान्यता
  • भूमि, संपत्ति और कार्यक्षेत्र से जुड़ी रुकावटों में कमी की मान्यता
  • मंगल ग्रह की कृपा से साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति की मान्यता

मंगल दोष पूजा की सामान्य सामग्री

  • लाल वस्त्र, लाल फूल और अक्षत
  • कलश, जल, पंचामृत और पूजा की सामान्य सामग्री
  • मंगल बीज मंत्र का जाप
  • शिवलिंग पर जलाभिषेक

रत्न (जैसे मूंगा) धारण करने या दान करने से पहले योग्य ज्योतिषी या पंडित जी से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें; रत्न हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता।

उज्जैन में मंगल पूजा की सामान्य विधि

यह पूजा मंगल दोष की शांति और जीवन में सकारात्मकता के लिए कराई जाती है। सामान्य विधि इस प्रकार है:

  1. क्षिप्रा नदी में स्नान: राम घाट या अन्य घाट पर स्नान करके पूजा की शुरुआत करें।
  2. संकल्प: पंडित जी के साथ नाम, गोत्र और उद्देश्य (विवाह, स्वास्थ्य, समृद्धि) लेकर संकल्प करें।
  3. गणेश पूजा: भगवान गणेश को लाल फूल और लड्डू अर्पित करें।
  4. नवग्रह पूजा और कलश स्थापना: नवग्रह शांति के लिए कलश स्थापना करें।
  5. शिवलिंग अभिषेक: शिवलिंग पर जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
  6. भात पूजा: लाल कपड़े पर चावल अर्पित करें।
  7. हनुमान पूजा: हनुमान जी को लाल चंदन और सिंदूर अर्पित करें।
  8. हवन: घी, लाल चंदन और बेलपत्र से हवन करें।
  9. आरती और प्रसाद: आरती करके प्रसाद वितरित करें।

मंत्र जप की संख्या और विधि की विस्तृत जानकारी पंडित जी पूजा के समय मार्गदर्शन में तय करते हैं।

पूजा कराते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • योग्य और अनुभवी पंडित से पूजा कराएं।
  • अपनी जन्म कुंडली के अनुसार पूजा का समय और विधि तय करें।
  • सटीक मुहूर्त और वर्तमान जानकारी के लिए पहले से संपर्क करें।

मंगल दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?

उज्जैन में मंगल दोष पूजा की लागत पूजा के प्रकार, पंडित की दक्षिणा, सामग्री और स्थान पर निर्भर करती है। सटीक और वर्तमान खर्च की जानकारी के लिए उज्जैन के अनुभवी पंडित अनिल शर्मा जी से 9826365960 पर संपर्क करें। बुकिंग और उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी भी इसी नंबर पर प्राप्त करें।

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