मांगलिक दोष पूजा कहाँ होती है?

मांगलिक पूजा कहाँ होती है? पाएं पूरी जानकारी

मांगलिक पूजा कहाँ होती है — यह प्रश्न उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी कुंडली में मंगल दोष (मांगलिक दोष) होता है, विशेषकर विवाह से पहले। उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर इस पूजा के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थल है। इस मंदिर में रुद्राभिषेक और विशेष मंत्रों के साथ पूजा कराई जाती है।

मांगलिक पूजा क्या है?

मांगलिक पूजा, जिसे मंगल दोष शांति पूजा भी कहते हैं, एक विशेष अनुष्ठान है जो कुंडली में मंगल के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए किया जाता है। यह पूजा विवाह से पहले या जीवन में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु की जाती है।

मांगलिक पूजा कहाँ होती है?

मंगलनाथ मंदिर विशेष रूप से मंगल ग्रह (भौम देव) को समर्पित प्रमुख मंदिर है। हिंदू ज्योतिष में इसका विशेष महत्व है। यह मंदिर उज्जैन के पवित्र क्षेत्र में स्थित है, जिसे कुंडली के मंगल दोष को शांत करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। उज्जैन में स्थित अंगारेश्वर मंदिर भी मंगल दोष शांति पूजा के लिए प्रसिद्ध है।

उज्जैन में मंगल दोष पूजा का महत्व

उज्जैन, जिसे “महाकाल की नगरी” कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक पवित्र तीर्थस्थल होने के साथ-साथ ज्योतिष का प्रमुख केंद्र भी है। यहां स्थित मंगलनाथ मंदिर विशेष रूप से मंगल ग्रह को समर्पित है। उज्जैन में मंगल दोष पूजा का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है।

मंगलनाथ मंदिर में विशेष पूजा आयोजन

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल दोष निवारण के लिए उत्तम स्थान माना जाता है। यहां की पूजा धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से फलदायी मानी जाती है। मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति यहां पहुंचकर विधि-विधान से पूजा करा सकते हैं। मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा की संपूर्ण विधि — संकल्प से लेकर हवन तक — यहाँ विस्तार से बताई गई है।

  1. ज्योतिषीय महत्व
    • उज्जैन को भारतीय ज्योतिष का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
    • मंगलनाथ मंदिर में पूजा से कुंडली के मंगल दोष के शांत होने की मान्यता है।
    • विवाह संबंधी बाधाओं में कमी की आशा की जाती है।
  2. धार्मिक विशेषताएं
    • पौराणिक मान्यता के अनुसार यहां भगवान शिव ने मंगल ग्रह को आशीर्वाद दिया था। यहां पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने का विश्वास है।
  3. विशेष पूजा विधि
    • इस मंदिर में मंगलवार को विशेष पूजा का महत्व है।
    • लाल वस्त्र, गुड़ और मूंग का दान करना शुभ माना जाता है।
    • “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है।
    • मंगल दोष पूजा में रुद्राभिषेक एवं हवन का आयोजन कराया जाता है।
  4. अनूठी परंपराएं
    • मकर संक्रांति पर यहां परंपरागत मेले का आयोजन होता है।
    • प्राचीन वास्तुकला से निर्मित मंदिर।

अंगारेश्वर मंदिर में मंगल दोष पूजा

अंगारेश्वर मंदिर उज्जैन का एक प्राचीन एवं महत्वपूर्ण शिव मंदिर है जो मंगल दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध है। मंगलवार के दिन यहां विशेष पूजा-अनुष्ठान की जाती है, जिसमें भक्तगण लाल रंग के वस्त्र धारण कर मंगल देव की आराधना करते हैं।

पूजा में मूंग दाल, गुड़, लाल फूलों का विशेष उपयोग होता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त होती है।

  • ज्योतिषीय महत्व — कुंडली में मंगल दोष शांति के लिए उपयुक्त स्थल।
  • पौराणिक मान्यता — मान्यता है कि यहां पूजा से मंगल ग्रह प्रसन्न होते हैं।
  • विशेष पूजा दिवस — मंगलवार को विशेष पूजा का महत्व है; शुभ मुहूर्त पंडित जी से पूछें।
  • मंत्र जाप — “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का विशेष महत्व।
  • दान परंपरा — लाल वस्त्र, गुड़, तांबे के बर्तन दान करने की परंपरा।

मांगलिक दोष निवारण मंत्र

मंगल बीज मंत्र: “ॐ अं अंगारकाय नमः”

  • लाभ: परंपरागत विश्वास के अनुसार मंगल ग्रह की शांति हेतु जाप किया जाता है।
  • जप विधि: परंपरा में मंगलवार को लाल आसन पर बैठकर जाप का सुझाव दिया जाता है।
  • समय: परंपरागत रूप से सूर्योदय या सूर्यास्त का समय उपयुक्त माना जाता है।

उज्जैन में मांगलिक दोष पूजा कैसे बुक करें?

उज्जैन में मांगलिक दोष पूजा बुक करने के लिए उज्जैन के योग्य पंडित अनिल शर्मा से नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके पूजा संबंधी जानकारी प्राप्त करें। मंगल दोष पूजा उज्जैन पेज पर पूजा की विधि और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध है।

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