मांगलिक होना कैसा है? क्या पूजा के बाद मांगलिक जातक गैर मांगलिक से विवाह कर सकता है?
मांगलिक होना ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण विषय है। मांगलिक दोष तब होता है जब किसी मनुष्य की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है। इस दोष को मांगलिक दोष कहा जाता है। मान्यता है कि मांगलिक दोष वाले व्यक्ति का विवाह यदि गैर-मांगलिक व्यक्ति से होता है, तो उनके वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ सकती हैं।
मांगलिक होना कैसा है?
- मांगलिक दोष वाले व्यक्ति को जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे विवाहित जीवन में कलह, स्वास्थ्य समस्याएं, या करियर में रुकावटें।
- हालांकि, यह दोष सभी मांगलिक व्यक्तियों के लिए समान रूप से प्रभावी नहीं होता है। इसका प्रभाव कुंडली में मंगल की स्थिति और अन्य ग्रहों के संयोजन पर निर्भर करता है।
- कुछ मामलों में मांगलिक दोष शुभ भी हो सकता है, खासकर यदि मंगल ग्रह मजबूत और शुभ स्थिति में हो।
क्या पूजा के बाद मांगलिक जातक गैर-मांगलिक से विवाह कर सकता है?
हां, वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, मांगलिक जातक गैर मांगलिक से शादी कर सकता है. हालांकि, इस स्थिति में कुंडली का गहन विश्लेषण कराना ज़रूरी है.
वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, मांगलिक जातक गैर मांगलिक से शादी कर सकता है, लेकिन इन बातों का ध्यान रखना चाहिए: मांगलिक दोष की तीव्रता, अन्य ग्रहों का प्रभाव, दोनों कुंडलियों का तालमेल, मंगल दोष के प्रभाव का आकलन, वैवाहिक जीवन में झगड़े की संभावना.
मांगलिक दोष को कम करने के उपाय: मंगल पूजा और हवन करना, मंगलवार का व्रत रखना, गायत्री मंत्र का जाप करना, रुद्राभिषेक करना, किसी मांगलिक व्यक्ति से विवाह करना।
- आम तौर पर, हिन्दू समाज में माना जाता है कि मांगलिक जातक का विवाह गैर मांगलिक से कर दिया जाए, तो जीवनसाथी की मृत्यु हो सकती है।
- मांगलिक व्यक्तियों को आदर्श रूप से अन्य मांगलिक से शादी करनी चाहिए।
जानें मंगल के भाव का असर दांपत्य जीवन में
- पहले भाव में मंगल के रहने से पति-पत्नी में आपसी असहमति, मानसिक तनाव के साथ स्वास्थ्य ये जुड़ी दिक्कते होती हैं।
- दूसरे भाव में मंगल होने पर पारिवारिक कलह बढ़ता है।
- चौथे भाव में मंगल होने पर नौकरी या धन से जुड़ी दिक्कते होती हैं।
- सातवें भाव में मंगल हो तो व्यक्ति का चरित्र और स्वभाव दोनों ही अच्छा नहीं होता है. ऐसे लोग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में पड़ जाते हैं।
- आठवें भाव में मंगल पति-पत्नी दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है।
- बारहवें भाव में मंगल होने पर जातक के इर्द-गिर्द अपने आप ही शत्रु बनने लगते हैं और धन का संकट भी रहता है।
मांगलिक दोष शांति पूजा उज्जैन मे कैसे करा सकते है?
उज्जैन मे मंगलनाथ मंदिर या प्राचीन अंगारेश्वर महादेव मंदिर मे मांगलिक दोष के निवारण हेतु पूजा होती है। पूजा के लिए आप अनुभवी पंडित हरिओम शर्मा जी से संपर्क कर सकते है, जो वैदिक पूजा के लिए जाने जाते है। नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करके आप उनसे निशुल्क परामर्श ले सकते है।
पंडित जी के पास देश विदेश से लोग आफ्नै परेशानियों से मुक्ति हेतु पूजा कराने के लिए आते रहते है। जिनमे देश की कुछ बड़ी हस्तिया भी शामिल है।







